दिल के दरमियाँ PRESENTS "कोई आवाज़ देता है"

दिल के दरमियाँ PRESENTS पेटों में अन्न नहीं भूख साहस के होठ गए सूख खेतों के कोश हुए रीते जीवन की रात कहाँ बीते? माटी के पाँव फटे तरुवर के वस्त्र छीन लिए सूखे ने फ़सलों के शस्त्र हाय भूख-डायन को आज़ कौन जीते? हड्डी की ठठरी में उलझी है साँस मुट्ठी भर भूख और अंजलि भर प्यास बीत... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ० कुअँर बेचैन
views
49
upvote
6
downvote
0
rating
6
comments
0
[06 Oct 2008 01:56 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix