ज़रूरत से ज़्यादा ख़ुदा (ख़ुदा की वापसी)
ये ख़ुदा है - 66 ]
महीनों ख़ामोशी को तोडते हुए अचानक ख़ुदा को फिरसे बकवास की सूझी और साथ मे हज़ारों दर्शकों को जलसागाह खींच लाए फिर अपनी जेब से पर्ची निकाल सर्सरी नज़र डालते हुए खंकारने के बाद भाषण पढ़ना शुरू ही किया था कि एक समाचार पत्रकार ने पूछलिया...
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शुऐब
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[01 Oct 2008 03:33 AM]



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