" अतिथि देवो भव"

kuch ehsaas न जाने किस जमाने में रची गयी होगी ये लाइन " अतिथि देवो भव" ! वैसे जिस भी ज़माने में रची गयी हो , एक बात तो तय है की उस वक्त अतिथि बड़े बढ़िया टाइप के होते रहे होंगे!बढ़िया माने ऐसा काम करने वाले जिससे मेजबान ऐसी कहावत बनाने को मजबूर हो जाए!वैसे बचपन... [पूरी पोस्ट]
writer pallavi trivedi
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[19 Sep 2008 03:20 AM]

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