LOVE STORY # 507: पानी में छपाक!!! होने से पहले उसके चेहरे पर स्माईली वाला भाव था

अखाड़े का उदास मुगदर बिछड़ने से पहले तय हुआ था कि जाने से पहले बात हो सका तो अच्छा रहेगा। पर बाढ़ का पानी बढ़ता ही गया। पानी के बहाव में पता नहीं दोनों कब अलग हुए और कहाँ चले गए। तूफ़ान जब दम लेने के लिए रुका तब वह एक पहाड़ी के सामने था. बारिश थमी ही नहीं. जैसे जैसे पानी क... [पूरी पोस्ट]
writer आस्तीन का अजगर
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[10 Sep 2008 10:05 AM]

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