और मै रूठ पाऊँ...
हर रोज- -दिन निकलने के साथ- -मेरे पास होते हैं कई सवाल- -तुम्हारे लिये- -खोज-खोज कर- -सहेज लेती हूँ उन्हे- -कि तुम्हारे कुछ कहने से पहले ही- -पूछूंगी तुमसे- -उन सवालों के जवाब- -परंतु मेरे कुछ कहने से पहले ही- -तुम समझ जाते हो- -मेरी हर बात- -और बिन...
[पूरी पोस्ट]
सुनीता शानू
61
6
0
6
11
[05 Sep 2008 07:34 AM]



Shuffle








