रिश्तों की परिभाषा
रिश्तों की परिभाषा चँचल मृग-नयनों में बसे, इन अश्को की भाषा समझा दो। किस-बिधि नापोगे प्यार मेरा, रिश्तों की परिभाषा समझा दो॥ कभी-कभी अनजानी सी एक डगर, पर लगती है कुछ जानी-पहचानी सी, एक पल में लगता है कोई अपना सा और हो जाती है हर बात पुरानी सी। तुम तन...
[पूरी पोस्ट]
सुनीता शानू
74
5
0
5
15
[02 Sep 2008 09:00 AM]



Shuffle








