ओ... ऊपर वाले कर रहम

POEM OF SOUL हर तरफ हाहाकार, चित्कार भूख से तड़पते लोग, खुद को बचाने की तड़प अपनों को बचाने की जद्दोजहद, पहले खुद को बचाएं या उनको या सुनें अपने अंतरमन को, हर तरफ है तड़प। गुम हुईं बच्चों की किलकारी उनके रोने से कांपता है दिल पर अब तो वो रोते भी नहीं सिसकियों में... [पूरी पोस्ट]
writer Nitish Raj
views
75
upvote
7
downvote
0
rating
7
comments
12
[31 Aug 2008 08:19 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix