सावन सुहाना, भादो भद्दा, आख़िर क्यों?

अनामदास का चिट्ठा सावन चला गया. पूरे महीने 'बरसन लागी सावन बूंदियाँ' से लेकर 'बदरा घिरे घिरे आए सवनवा में' जैसे बीसियों गीत मन में गूंजते रहे. राखी के अगले दिन से भादो आ गया है, भादो भी बारिश का मौसम है लेकिन ऐसा कोई गीत याद नहीं आ रहा जिसमें भादो हो. भादो के साथ भेदभ... [पूरी पोस्ट]
writer अनामदास
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[26 Aug 2008 18:47 PM]

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