"तुम आज भी हसीन हो"

POEM OF SOUL कौन कहता है कि तुम हसीन नहीं, तुम आज भी हसीन हो, मेरी आंखों से एक बार देखो तो। अब भी दीवाना हूं मैं, उन अदाओं का, जुल्फों का, उन आंखों का, उस मुस्कुराहट का, जिसने तब भी लूटा था मेरी रातों की नींद को। कौन कहता है कि तुम हसीन नहीं। आज भी अच्छी लगती है... [पूरी पोस्ट]
writer Nitish Raj
views
88
upvote
6
downvote
0
rating
6
comments
10
[29 Jul 2008 04:53 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix