शीर्षक नहीं बदलूँगा.....जालिमों

प्रभाकरगोपालपुरिया जालिमों तुम कितना भी जुल्म ढा लो पर मैं शीर्षक बदलनेवाला। अजीब हाल है भाई। मैं चिट्ठाकार हूँ, अपनेचिट्ठे में कुछ भी लिखूँ, अनाप-शनाप लिखूँ, मानवता मरे या चिट्ठा, ये देखना मेरा काम नहीं जालिमों।चिट्ठाकार जगत के लिक्खाड़ जालिमों एवं चिट्ठा-पाठकों, मैंन... [पूरी पोस्ट]
writer प्रभाकर पाण्डेय
views
228
upvote
6
downvote
0
rating
6
comments
6
[23 Jun 2008 19:48 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix