आम बगइचा आदर्श विद्यालय
दू एकम दू, दू दुनी चार, दू तिया छै, दू चौके आठ...हिल-हिल के याद किया है, नए ज़माने के टू टू जा फ़ोर वाले बच्चे तो हिलते ही नहीं हैं.अब सिर्फ़ अलीफ़ बे वाले बच्चों को हिलता हुआ देखता हूँ जबकि हमारा इस्कूल पंडित जी चलाते थे, उनमें और मदरसा वाले म...
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अनामदास
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[15 Jun 2008 17:30 PM]



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