फोटो पत्रकारिता का स्वर्णिम युग क्या बीते ज़माने की बात हो गया है ।
एक ज़माना था जब फोटो को लेकर भी समाचार पत्रों में विश्ोष रूप से लोगों को नियुक्त किया जाता था और फोटो को लेकर एक विशेष प्रभाग होता था । फोटो का चयन करना और उसके नीचे की पंक्तियां लिखना फोटो का शीर्षक लगाना ये भी एक कला हुआ करती थी । दरअसल में फोटो...
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पंकज सुबीर
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[09 Jun 2008 20:08 PM]



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