जावेद अख्तर साहब की कलम से - १

बाल किशन का ब्लॉग कौन सा शे'र सुनाऊं मैं तुम्हे, सोचता हूँनया मुब्हम है बहुत और पुराना मुश्किल (उलझा हुआ)================================== ऊँची इमारतों से मकां मेरा घिर गयाकुछ लोग मेरे हिस्से का सूरज भी खा गए==================================हमको उठना तो मुह... [पूरी पोस्ट]
writer बाल किशन
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[02 Jun 2008 20:54 PM]

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