जय बोलो बाबा केदारनाथ और बद्री विशाल की

सच को सलाम वक्त का पता नहीं पर आंखों में अब भी धुंधली तस्वीर बाकी है। अपनेराम दस या बारह साल के रहे होंगे। खबर आई कि गांव के कुछ बड़े-बुजुर्ग चार धाम की यात्रा पर जा रहे हैं, उन्हें विदाई देने आ जाओ। पुण्य मिलेगा। छोटी बुद्धि, ज्यादा कुछ नहीं समझ पाई। बाबा की... [पूरी पोस्ट]
writer Manoj Pamar
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[18 Jun 2010 04:26 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix