ओ मेरे मनमीत!
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता रावेन्द्र कुमार रवि जी का एक प्रेम-गीत 'ओ मेरे मनमीत'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... सोच रहा-तुम पर ही रच दूँ मैं कोई नवगीत! शब्द-शब्द में यौवन भर दूँ, पंक्ति-पंक्ति में प्रीत! हर पद...
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अभिलाषा
रावेंद्रकुमार रवि
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[17 Jun 2010 22:15 PM]



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