तन्हाई भी एक आईना है
कई दिनों तक वायरल बुखार का शिकार था। तन्हाई में था। तन्हाई भी एक आईना है- हम ऐसी चीजें देख पाते हैं, जो भीड़भाड़ में नहीं दिखाई देतीं। सो, पाकिस्तानी कवयित्री परवीन शाकिर की चार टुकड़ों में लिखी यह बहुत ही प्यारी कविता...
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अरविन्द चतुर्वेद
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[17 Jun 2010 12:26 PM]



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