कभी कह नही पाया पर बहन, तू मुझे जान से प्यारी है......

दिल की कलम से... कभी कोई आया था ज़िंदगी मे...तो चिढन सी थी की मेरे हिस्से का प्यार कम हो गया....माँ की गोद मुझसे छिन किसी और को मिल गयी....पिताजी की नज़रो मे कोई और चेहरा चढ़ गया....नाराज़ था मैं उससे क्यूँ आई वो...छिन गया था मुझसे मेरा संसार....मौका मिलते ही उसे परेशान... [पूरी पोस्ट]
writer दिलीप
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[17 Jun 2010 11:39 AM]

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