जिसे सर झुकाती है हिंन्द सारी .....!

दफ़ा-512  प्राण भले ही मित्रो गवाना ,पर न झंडे को निचे गिराना |तीन रंगा है झंडा हमारा बीच चरखा चमकता सितारा ,शान है यही इज्जत हमारी जिसे सर झुकाती है हिंन्द सारी |... [पूरी पोस्ट]
writer संजय भास्कर

जिसे सर झुकाती है हिंन्द सारी

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[17 Jun 2010 08:45 AM]

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