बारिश का स्वागत
सिर पर धर लो तन भीग न पाता हो जब धूप कड़ी तब छाया दे जाता छरहरी छड़ी बने डर पास न आता क्यों सखी साजन न सखी छातारेखांकन सुमनिका का और पंक्तियां अमीर खुसरो की याद में...
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अनूप सेठी
सामयिक
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[17 Jun 2010 07:34 AM]



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