अपने देश के साँचें में अनफिट... !!!!!

कई साल विदेश रहने के बाद लगता है कि अब अपने देश के साँचें में फिट नहीं हो पाते....दोस्त बना कर उल्लू सीधा करने में माहिर नहीं है इसलिए लगता है कि हमें अपने देश में रहने का कोई हक नहीं है..... चालाकी...धूर्तता....स्वार्थ साधने की कला में कुशल नहीं तो यहाँ... [पूरी पोस्ट]
writer मीनाक्षी
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[17 Jun 2010 06:21 AM]

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