** काँपते हाथों में **

Jayant Chaudhary है यकीन मुझे,जानता हूँ, कितेरे काँपते हाथों में,जान अभी बाकी है...माना बहुत है,पर, तू भार उठा,जोर लगा, किअरमान एक बाकी है....यह जिंदगी,एक प्याला है,और मौत,तेरी साकी है...पीता चल,चलता चल,जब तक,जाम एक बाकी है....मधु बहती है,कविता उड़ती है,पंखों में... [पूरी पोस्ट]
writer Jayant Chaudhary

उत्साह

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[17 Jun 2010 01:44 AM]

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