एक कवि सम्मेलन का अनुभव..... :-देव
यार आपको मालूम है की इस दुनियां में कवियों के भी प्रकार होते हैं.... जैसे भांति भांति प्रकार के मनुष्य वैसे ही भांति भांति प्रकार के कवि.... आप यह पूछ सकते हैं की कवियो को मनुष्यों की केटेगरी से अलग क्यों किया देव बाबा नें... तो भैया जो लोग कवि हैं वह तो...
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देव कुमार झा
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[17 Jun 2010 01:13 AM]



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