“घोड़ी ने पटक दिया!” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

शब्दों का दंगल “मुहूरत खराब चल रहा है!” कई साल पुरानी बात है। मुझे एक बारात में जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। गाँव की बारात थी और उसे किसी दूसरे गाँव में ही जाना था।  नया-नया दूल्हा था, नई-नई घोड़ी थी। कहने का मतलब यह है कि घोड़ी की भी पहली ही बारात थी और दूल्हे... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
views
16
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
10
[16 Jun 2010 22:30 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix