हमने अम्मी, दादी, नानी, मौसी और भाभी को बुर्क़े की क़ैद से दिलाई निजात
हमने अम्मी, दादी, नानी, मौसी और भाभी को बुर्क़े की क़ैद से दिलाई निजातघबराएँ नहीं यह मेरा नहीं एक मुस्लिम मोहतरमा की हरकत है और इस्पे फख्र केर रही है. उसका कहना है की अल्लाह के हुक्म की इस कुप्रथा को ख़त्म करना चाइये और औरत को आजादी दिलाना चाहिए.मुझको...
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Voice Of The People
बुर्क़े
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[30 May 2010 14:33 PM]



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