क़ुरआनी दुआएं
परवरदिगार हमें दुनिया में भी नेकी अता फ़रनमा और आख़ेरत में भी, और हमें जहन्नम के अज़ाब से महफ़ूज़ फ़रमा। बक़रह 201 पालने वाले हम जो भूल जायें या हमसे ग़लती हो जाये उसका मुवाख़ेज़ा न करना। ( यानी उसके बारे में जवाब तलब न करना।)बक़रह 286 पालने वाले हमारे...
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Voice Of The People
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[31 May 2010 01:18 AM]



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