अमन की दिशा में एक और रचनात्मक क़दम
मादरे वतन ' इस मादरे वतन के ज़ख्मों को मत कुरेदो , जो दे सको तो इस को मरहम ज़रूर दे दो . बच्चे जो इस के बिछड़े, अब तक न मिल सके हैं , बेचैन है ये मादर तस्कीन इस को दे दो. बेवजह लड़ रहे हैं इक दूसरे से भाई , ये दुश्मनी मिटाकर , फ़ह्म ओ शऊर दे दो . जब बात...
[पूरी पोस्ट]
Voice Of The People
1
0
0
0
0
[31 May 2010 03:43 AM]



Shuffle







