तू भी हिंदू है कहाँ, मैं भी मुसलमान कहाँ
राम के भक्त कहाँ, बन्दा-ए- रहमान कहाँतू भी हिंदू है कहाँ, मैं भी मुसलमान कहाँतेरे हाथों में भी त्रिशूल है गीता की जगहमेरे हाथों में भी तलवार है कुरआन कहाँतू मुझे दोष दे, मैं तुझ पे लगाऊँ इल्जामऐसे आलम में भला अम्न का इम्कान कहाँआज तो मन्दिरो मस्जिद में...
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Voice Of The People
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[09 Jun 2010 16:01 PM]



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