एक नयी यात्रा के मंसूबे के साथ लौट आए---अचानकमार के जंगल
गाड़ी में अवधिया जीहम बिलासपुर पहुंच कर कोटमी सोनार जाना चाहते थे जहां क्रोकोडायल पार्क बना हुआ है। उदय भाई को साथ लेकर हम पहुंचे अरविंद झा जी के पास, उन्हे साथ लिया और चर्चा हुयी कि अब किधर चलना है? तो बात-चीत से फ़ैसला हुआ कि कोटमी सोनार न जाकर, रतनपुर...
[पूरी पोस्ट]
ललित शर्मा
40
7
0
7
24
[16 Jun 2010 19:59 PM]



Shuffle








