AATMA HOO
आत्मा हूँ, दिब्य ज्योति से भरा हूँ . निखरता ही नित चमकता जा रहा हूँ . धुंध सारे छंट गये नूतन-पुराने शुध्द हो सम्पूर्णता में मैं खड़ा हूँ . . है अलौकिक दृश्य मेरी जिंदगी का मैं पिता का प्यार सीधा पा रहा हूँबरसती पावन कृपा, फहरा रहा हूँ आत्मा...
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JEEVAN SANGEET
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[16 Jun 2010 12:54 PM]



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