द्वयक्षर श्लोक : केवल दो अक्षरों से कमाल

स्वार्थ द्वयक्षर श्लोक में, जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, केवल दो ही अक्षरों का उपयोग करके श्लोक की रचना की जा सकती है। क्रोरारिकारी कोरेककारक कारिकाकर । कोरकाकारकरक: करीर कर्करोऽकर्रुक ॥ अनुवाद : क्रूर शत्रुओं को नष्ट करने वाला, भूमि का एक कर्ता, दुष्टों को... [पूरी पोस्ट]
writer स्वार्थ

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[16 Jun 2010 11:46 AM]

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