देसिल बयना - 34 : पूत सपूत तो का धन संचय....
-- करण समस्तीपुरी राम-राम ! अरे ई दुनिया का है ? वृथा मोह-माया है। आदमी भौतिक सुख-सुविधा के पाछे रन-रन करते रहता है। कौनो-कौनो आदमी के लिए तो धने संपत्ति सबस बड़का चीज होता है। मगर लालटेन प्रसाद ऐसन में से नहीं थे। थोड़ा-बहुत मरौसी (पुर्वजी) जायदाद था,...
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करण समस्तीपुरी
करण समस्तीपुरी
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[16 Jun 2010 10:27 AM]



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