सूर्ख गुलशन
तू मेरे सूर्ख गुलशन को हरा कर दे , ज़मीं से आसमां का फ़ासला कर दे।हवाओं के सितम से कौन डरता है , मेरे सर पे चरागों की ज़िया कर दे ।या बचपन की मुहब्बत का सिला दे कुछ,या इस दिल के फ़लक को कुछ बड़ा कर दे।तसव्वुर में न आने का तू वादा कर , मेरी तनहाई के हक़ में दुआ...
[पूरी पोस्ट]
ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι
बावरा
10
1
0
1
1
[16 Jun 2010 01:00 AM]



Shuffle







