~ स्वर्णिम जीवन ~
जब तक है आस, संग संग प्रयास, मन में विश्वास, पाने की प्यास, उच्छल तरंग, दिल का म्रदंग, बाजे है संग, भर कर उमंग, हिरदय प्रसन, होकर मगन,बढ़ते हैं पाँव,उठते हैं हाथ,सच हों स्वपन, बने स्वर्णिम जीवन....जयंत चौधरी(बैठे बैठे एक ख्याल मन में आ गया...)...
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Jayant Chaudhary
उत्साह
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[16 Jun 2010 00:28 AM]



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