मानवीय त्रासदी की इन्तहा - -
कडकडाती ठण्ड में चाय का प्याला अँगुलियों के बीच थामकर चुस्कियां लेना अभी शुरू ही किया था कि अख़बार पर नज़र टिक गई , मुंह खुला रह गया , सीने से हूक सी उठी , कुछ भीतर ही भीतर बैठ गया सा लगा , दौड़कर माँ के पास गई , माँ !! देखा आपने , भोपाल में गैस लीक हो...
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Renu Sharma
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[15 Jun 2010 23:56 PM]



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