नज़र मिलायें तो मिलायें कैसे

वीर की कलम से बेरुखी का सबब बतायें तो बतायें कैसे, तुमसे नज़र मिलायें तो मिलायें कैसे| कोई शख्स हो तो भुल भी जायें हम, खुदको खुदसे भुलायें तो भुलायें कैसे| तुमसे नज़र मिलायें तो मिलायें कैसे… जिसकी तामीर में उम्र गुज़ार गयी, उस घर को छोडके जायें तो जायें... [पूरी पोस्ट]
writer वीर

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[16 Jun 2010 00:10 AM]

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