नीरा जाग गयी है....
आज फिर घर में बड़ी चहल-पहल थी. पूरा सामान उलट-पुलट किया जा रहा था. पापा व्यस्त थे. माँ व्यस्त थीं. छोटी बहनें चहक रहीं थीं, बस नीरा चुप थी. देख रही थी चुपचाप . किसी ने कोई काम बताया तो कर दिया, बस इतना ही. सबके चेहरों पर ख़ुशी थी , लेकिन नीरा का चेहरा...
[पूरी पोस्ट]
वन्दना अवस्थी दुबे
कहानी
63
9
1
8
32
[15 Jun 2010 15:34 PM]



Shuffle








