MERI RAAT MUJHE HAI BHAATI

JEEWAN SANGEET मेरी रात मुझे है भाती .सुबह सबेरे उठना होता सांझ-सांझ तक खटना होता जीवन-बोझ उठाने हेतुभारी मिहनत करना होता क्ष्रम - सेवा जीवन है साथीमेरी रात मुझे है भाती .स्नेहिल रात मुझे सहलातीकल हेतु तैयार कराती सुख सपनों की सेज सजाती प्राणों में उर्जा भर जाती नींद... [पूरी पोस्ट]
writer JEEVAN SANGEET
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[15 Jun 2010 14:04 PM]

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