मैं हूँ आज की नारी
मैं हूँ आज की नारी..मैं ही हूँ दुर्गा,मैं ही सरस्वती...मैं कृष्ण की राधा भी हूँ..और सीता भी..फिर आज क्यूँ,कभी लज्जित भी होना पड़ता है मुझे..मैं तो बहन भी हूँ और बेटी भी..फिर भी क्यूँ,इस समाज में.. ..अक्सर उचित सम्मान,और अधिकार से,वंचित रह जाती...
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abhi
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[15 Jun 2010 13:56 PM]



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