कहां गई हंसी?

फिर कभी पहले हंसी दिखाई देती थी, फिर हंसी सुनाई पड़ने लगी...तब हंसी बाजार में खिलखिलाकर भाग रही थी और लोग उसके पीछे भाग रहे थे...लेकिन ये भागमभाग भी अब थम चुकी है...रिकार्ड घिस गए हैं...खजाना खाली है...और अब टीवी की हंसी हंसी बाजार के उसी नुक्कड़ पर खड़ी है,... [पूरी पोस्ट]
writer deo prakash choudhary
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[15 Jun 2010 11:21 AM]

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