दिल की सदा...

एहसास अंतर्मन के ####क्यूँअचानकचौंक पड़ती हूँ मैं!!!!सुनी हैकानों नेना कोईआहटना आवाज़परये दिल ..कह रहा हैउठ ,देख ,आये हैंवो दर पर ..पागल हैनादाँ है...बहलानेइस जिद्दी कोउठ जाती हूँऔरदेखती हूँदरवाज़ाखोल करकिखड़े हो तुममहकतेरजनीगंधाके साथदरवाज़े परदस्तकदेने को उठेहाथ लिए..हतप्रभ... [पूरी पोस्ट]
writer roohshine
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[07 May 2010 10:18 AM]

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