विरह तेरा प्रिय...

एहसास अंतर्मन के विरह तेरा प्रिय... ######घिर आयी बदरी,चमकी बिजुरी,बरसी बरखा फुहार..विरह तेरा प्रिय,चीर गया हिय,जैसे कोई कटार..भीगी पवन कीशीतलता भीना छू पाएतन को...कुसुमित पुष्पों कीसुवास भीना बहकाएमन को ...साथ तेरा हो,तब खिलती है,मेरे हृदय बहार...विरह तेरा प्रिय,चीर गया... [पूरी पोस्ट]
writer roohshine
views
2
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[08 May 2010 00:46 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix