वह अगण्य पल.....
#####न जाने कितने पलों को गिनने के बाद मिलता है सुकूँ उस घडी जब होते हैं हम साथ गूँज उठती हैं दिशाएं झूम उठती है बहारें करते हैं दुनिया जहान की बातें जो हो के भी नहीं होती दरमियाँ हमारेघुलते मिलते हैं अंतस हमारे उन दुनियावी बातों के ज़रिये आ जाते...
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roohshine
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[04 Jun 2010 09:28 AM]



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