'अंतर्मन की चादर..'

प्रियंकाभिलाषी.. ..."सावन की पहली बारिश..और वो तेरा मुस्कुराना..मिट्टी की सौंधी सुगंध..और वो तेरा चहचहाना..आँगन में नाव बहाना..और वो तेरा लहकाना..अरसे से सहज रखी है..वो भीगी मासूमियत..और..अल्हड़ शोखी..अंतर्मन की चादर पर..!!"...... [पूरी पोस्ट]
writer Priyankaabhilaashi
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[15 Jun 2010 11:17 AM]

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