आख़िर वो शख़्श कौन था

राष्ट्र सर्वोपरि कल शाम एक बार फिर,मिला उससेफिर वही उसी गर्मजोशी के साथजैसे मिलता थापहले कभीएक बार फिर शुरू हुयी कुछ बातेंकुछ पुरानीकुछ नयी,कुछ कहीकुछ अनकही,फिर ऐसे ही उसमुलाकात के बादलौट आया अपने घरऔर फिर रात भर आँखों से नींद जाती रहीकेवल सोंचता रहाउस मुलाकात के बारे... [पूरी पोस्ट]
writer sanu shukla
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[15 Jun 2010 11:00 AM]

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