'मसीहा एक आयेगा'
पुनः---- सुना है ग़म जब, हद से गुज़र जायेगा,सोखने दर्द सबका, मसीहा एक आयेगा,है उसके इंतज़ार में, कबसे ये क़ायनात ,दुनिया भी थक चुकी, होती न करामात,ये उम्मीद झूठी, ख़ुद ब ख़ुद टूटेगी एक दिन,आसमां को छोड़ ख़ुद पे नज़र, जायेगी एक दिन,जानेंगे हम ,पहल ये...
[पूरी पोस्ट]
योगेश शर्मा
15
2
0
2
11
[15 Jun 2010 09:22 AM]



Shuffle








