गौरव सोलंकी की कविता - चार लड़कियाँ भी हैं अकेली लड़कियाँ
गौरव सोलंकी की यह कविता अद्यतन कविता परिदृश्य को समृद्ध करती है. आई.आई.टी रूड़की से पढ़े लिखे गौरव फिलवक्त पत्रकारिता से जुड़े है. बेहद अच्छा और जरूरी कवि. गौरव की बहुत सारी कविताओं के लिये यहाँ क्लिक करें.यह उजाले की मजबूरी हैकि उसकी आँखें नहीं होतींऔर वह...
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चन्दन
कविता
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[15 Jun 2010 08:34 AM]



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