Ajnabi
मेरी काया में जो आत्मा सी हैउसके लौट आने की संभावना सी हैवो बदल ले मार्ग या सम्बंध बदल लेवही रहेगी, जो प्रेम की भावना सी हैमैं पानी की तरह पटकता रहूंगा सरउस पत्थर में विचित्र चाहना सी हैमैं क्यों उस मौन को नकार मान लूंउस मौन में मेरी सराहना सी हैछानूंगा,...
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Rajey Sha
ग़ज़ल
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[15 Jun 2010 06:56 AM]



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