JAUHAR JARA DIKHAO
जब तक है साँस चलती, तब तक ही जिंदगी हैसब दोस्त रिश्ते-नाते, अपनों की बंदगी है . है समझना तो समझो यह अर्थ जिंदगी का कुदरत का खेल सारा मोहान्ध जिंदगी का .जब तक जमी पर तुम हो तबतक जमी तुम्हारीदुनिया की खातिर मर लो दुनिया नहीं तुम्हारी मरने के बाद कृतियाँ...
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JEEVAN SANGEET
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[15 Jun 2010 05:45 AM]



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