राजनीतिक प्रलाप और घडियाली विलाप नहीं, कार्रवाई करो सरकार
1984 में मैं बहुत छोटा था इसलिए 2-3 दिसंबर की रात भोपाल में क्या हुआ उसे सिर्फ किताबों में पढकर और कुछ लोगों से सुनकर ही जान सका। नौकरी के सिलसिले में पिछले 4-5 साल से भोपाल और इंदौर में हूं। इस दौरान उस काली रात के बारे में जो कुछ भी सुना वह 7 जून को...
[पूरी पोस्ट]
प्रदीप
bhopal-genocide
14
2
0
2
3
[15 Jun 2010 04:21 AM]



Shuffle







