साहित्य में लोकतंत्र के बहाने वर्चस्व बनाये रखने की साजिश
अनीता भारती ♦ हमारे देश की "गौरवशाली" हिंदू भारतीय संस्कृति ने एक को श्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरे को हमेशा पददलित किया है। अर्जुन को सर्वश्रेष्ठ तीरंदाज घोषित करने के लिए एकलव्य का अगूंठा काटा जाना जरूरी है। ज्ञान सिर्फ एक वर्ग और जात की बपौती बनी...
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अविनाश
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[15 Jun 2010 01:26 AM]



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